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प्रविष्टि

रन रेट की गणना: 20 ओवरों ने मुझे क्या सिखाया

क्रिकेट में रन रेट निकालने का सूत्र सीधा है: कुल बनाए गए रन को कुल खेले गए ओवरों से भाग दीजिए, जहाँ अधूरे ओवर को दशमलव के बजाय गेंदों के अनुपात में बदला जाता है। IPL समाचार के विश्लेषण में सबसे आम चूक...

7 अक्टूबर 2026 5 min read
रन रेट की गणना: 20 ओवरों ने मुझे क्या सिखाया
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रन रेट की गणना: 20 ओवरों ने मुझे क्या सिखाया

क्रिकेट में रन रेट निकालने का सूत्र सीधा है: कुल बनाए गए रन को कुल खेले गए ओवरों से भाग दीजिए, जहाँ अधूरे ओवर को दशमलव के बजाय गेंदों के अनुपात में बदला जाता है। IPL समाचार के विश्लेषण में सबसे आम चूक यही है कि 17.4 ओवर को 17.4 मान लिया जाता है, जबकि वास्तविक मान 17.667 है। उदाहरण के लिए, भारत 20 ओवर में 5.4 की दर से खेले तो 108 रन बनते हैं, और 384 के लक्ष्य के लिए शेष 30 ओवर में 276 रन यानी 9.2 रन प्रति ओवर चाहिए। टूर्नामेंट तालिका में नेट रन रेट (NRR) बनाए गए रन रेट में से दिए गए रन रेट को घटाकर मिलता है, और ऑलआउट होने पर टीम के पूरे कोटे के ओवर गिने जाते हैं। ICC की प्लेइंग कंडीशंस के अनुसार यही गणना मान्य है। सुझाव: हर गणना से पहले ओवर को गेंदों में बदलिए, फिर रन प्रति गेंद को 6 से गुणा कर रन प्रति ओवर निकालिए।

आदरणीय पाठक, एक प्रचलित धारणा है कि रन रेट तो बस "रन भाग ओवर" है और इसमें गलती की गुंजाइश ही नहीं। मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूँ कि यह धारणा गलत है। इसी "सरलता" के भ्रम से तालिकाओं के अंक, लक्ष्य के हिसाब और मैच के बाद के विश्लेषण सबसे ज़्यादा बिगड़ते हैं। एक निवेशक टर्नओवर, रिबेट और नेट पोज़िशन का हिसाब कभी अनुमान पर नहीं छोड़ता, और मैं रन रेट को भी "लगभग सही" पर नहीं छोड़ता। इस लेख में मैंने स्कोरशीट से लिए गए उदाहरणों पर वही अनुशासन लगाया है जो किसी बही-खाते पर लगता है। नीचे पाँच चरणों की ऐसी विधि है जिसे कोई भी स्कोरबोर्ड के सामने दोहरा सकता है। हर चरण में सूत्र, हल किया हुआ उदाहरण और मिलान की कसौटी मिलेगी। IPL समाचार पर हम मैच समीक्षा और खिलाड़ी आँकड़े इसी कसौटी पर परखते हैं, ताकि आपके सामने रखा हर अंक दोबारा जाँचा जा सके।

a cricket scoreboard glowing at dusk showing runs, overs and run rate beside a packed stadium crowd

सटीक आँकड़ों के साथ और गहराई में जाना चाहें तो आगे बढ़ने से पहले यह देख लीजिए।

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चरण 1: अधूरे ओवर को सही दशमलव में कैसे बदलें?

ओवर को गेंदों में बदलिए: पूर्ण ओवर गुणा 6 जोड़ अतिरिक्त गेंदें, फिर कुल गेंदों को 6 से भाग दीजिए। इसलिए 17.4 ओवर का अर्थ 17 ओवर और 4 गेंद है, यानी 106 गेंदें, और इसका दशमलव मान 17.667 होता है, 17.4 नहीं।

यह चरण पूरी गणना की नींव है, और यहीं सबसे ज़्यादा "आधिकारिक" दिखने वाली गलतियाँ जन्म लेती हैं। स्कोरबोर्ड पर लिखा "17.4" दशमलव संख्या नहीं, बल्कि ओवर और गेंद का संकेतन है। मान लीजिए किसी टीम ने 17.4 ओवर में 142 रन बनाए। गलत तरीके से 142 ÷ 17.4 करने पर 8.16 आता है, जबकि सही गणना 142 ÷ 17.667 देती है, यानी लगभग 8.04। अंतर केवल 0.12 रन प्रति ओवर का लगता है, परंतु नेट रन रेट की तालिका में जहाँ दो टीमों के बीच का फासला अक्सर 0.05 से भी कम होता है, वहाँ यह अंतर स्थान बदल देता है। इसलिए मैं हर बार पहले गेंदें गिनता हूँ। नीचे की तालिका को कंठस्थ कर लीजिए, तो आप किसी भी स्कोरबोर्ड को बिना कैलकुलेटर के पढ़ सकेंगे और किसी प्रसारक की त्रुटि पर भी तुरंत उँगली रख सकेंगे।

  • .1 ओवर = 1 गेंद = 0.167
  • .2 ओवर = 2 गेंद = 0.333
  • .3 ओवर = 3 गेंद = 0.500
  • .4 ओवर = 4 गेंद = 0.667
  • .5 ओवर = 5 गेंद = 0.833

चरण 2: वर्तमान रन रेट (CRR) कैसे निकालें?

वर्तमान रन रेट (CRR) = अब तक के कुल रन ÷ अब तक खेले गए ओवर (दशमलव में)। उदाहरण के लिए, 22 ओवर में 167 रन हों तो 167 ÷ 22 = 7.59 रन प्रति ओवर होता है। विकेट इस सूत्र में कहीं नहीं गिने जाते।

ESPN के Afghanistan A बनाम India A, दूसरे मैच के स्कोरकार्ड में प्रभसिमरन सिंह 84 रन बनाकर आउट हुए और पारी 167/3 पर थी। मान लीजिए यह स्थिति 22वें ओवर की है, तो CRR 7.59 बैठता है। यहाँ मेरा एक कड़ा निष्कर्ष है: अकेला CRR पारी की सेहत का सबसे भ्रामक संकेतक है, क्योंकि 167/3 और 167/8 का रन रेट बराबर होता है, जबकि बचे हुए संसाधन में ज़मीन-आसमान का अंतर होता है। इसलिए CRR के साथ हमेशा गिरे हुए विकेट भी लिखिए। एक और व्यावहारिक बात: अतिरिक्त रन, यानी वाइड और नो-बॉल के रन, कुल स्कोर में गिने जाते हैं और CRR में शामिल रहते हैं, पर वाइड और नो-बॉल वैध गेंद नहीं मानी जातीं, इसलिए ओवर की गिनती इनसे आगे नहीं बढ़ती। इन दोनों अलग गिनतियों को मिलाने से ही अधिकांश हाथ की गणनाएँ बिगड़ती हैं। इस पूरे अनुशासन का सार हम अपने [Internal Link: मैच विश्लेषण की बुनियादी गाइड] में भी विस्तार से रखते हैं।

an analyst's desk with a laptop spreadsheet of cricket over-by-over runs, a notebook and a calculator

अगर आप अपने विश्लेषण को अगले स्तर पर ले जाना चाहते हैं, तो अगला कदम यहाँ से शुरू कीजिए।

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चरण 3: लक्ष्य का पीछा करते समय आवश्यक रन रेट (RRR) कैसे निकालें?

आवश्यक रन रेट (RRR) = (लक्ष्य − अब तक बने रन) ÷ शेष ओवर। 384 के लक्ष्य में 20 ओवर बाद 108 रन हों तो 276 ÷ 30 = 9.2 रन प्रति ओवर चाहिए, यानी शेष 180 गेंदों पर औसतन 1.53 रन प्रति गेंद।

यह वही प्रश्न है जो Testbook पर परीक्षार्थियों से पूछा जाता है: पहले 20 ओवर में रन रेट 5.4 था, तो 384 तक पहुँचने के लिए शेष 30 ओवर में कितना चाहिए? पहले 5.4 × 20 = 108 रन निकालिए, फिर 384 − 108 = 276, और अंत में 276 ÷ 30 = 9.2। उत्तर के रूप में 9.2 की जगह 9 या 9.5 लिख देना परीक्षा में अंक कटवाता है और विश्लेषण में भ्रम पैदा करता है। अब इस पर "आधिकारिक" पर्यवेक्षकों की एक सुविधाजनक आदत देखिए: वे कहते हैं कि 9.2 "अभी भी संभव" है। मेरा आकलन अलग है। रन रेट पहले 20 ओवर के 5.4 से बढ़कर 9.2 होने का मतलब है कि बल्लेबाज़ों को अपनी गति लगभग 70 प्रतिशत बढ़ानी होगी, और 9.2 ÷ 5.4 = 1.70 यही बताता है। जब आवश्यक दर बीते औसत से इतनी ऊपर हो, तो जोखिम का स्तर बदल जाता है, और इसे सिर्फ़ "संभव" कहकर टाल देना सटीक विश्लेषण नहीं है।

इस चरण के लिए एक छोटी क्रमबद्ध विधि याद रखिए:

  1. अब तक के रन = पिछला रन रेट × खेले गए ओवर।
  2. शेष रन = लक्ष्य − अब तक के रन।
  3. शेष ओवर को गेंदों में बदलिए और जाँचिए कि कोई ओवर अधूरा तो नहीं।
  4. शेष रन ÷ शेष ओवर (दशमलव) = RRR, और फिर इसकी तुलना CRR से कीजिए।

चरण 4: नेट रन रेट (NRR) कैसे निकालें?

नेट रन रेट = (कुल रन ÷ कुल खेले गए ओवर) − (दिए गए कुल रन ÷ गेंदबाज़ी के कुल ओवर)। इसे सभी मैचों के कुल जोड़ से निकाला जाता है, और ऑलआउट होने पर असल खेले ओवर नहीं, बल्कि पूरा निर्धारित कोटा गिना जाता है।

यही वह नियम है जिसे सबसे ज़्यादा पाठक चूकते हैं। मान लीजिए एक टीम ने चेज़ में 150 रन पर ऑलआउट होने तक 18.2 ओवर खेले, और विपक्षी ने 20 ओवर में 160 रन बनाए थे। असल ओवर लेकर चलने पर बैटिंग रन रेट 150 ÷ 18.333 = 8.18 आता है और मैच का NRR +0.18 दिखता है। सही गणना में 20 ओवर गिने जाएँगे: 150 ÷ 20 = 7.50, और 7.50 − 8.00 = −0.50। यानी एक ही पारी में 0.68 का अंतर, केवल एक नियम की अनदेखी से। यह नियम ICC की प्लेइंग कंडीशंस का हिस्सा है, और बारिश से बाधित मैचों में संशोधित ओवर और संशोधित लक्ष्य लगते हैं। इतिहास भी यहाँ सबक देता है। हिंदी विकिपीडिया के अनुसार औसत रन रेट (ARR) विधि "मौसम या अन्य परिस्थितियों से बाधित" सीमित ओवरों के मैच में लक्ष्य तय करने के लिए बनी थी और 1991 में मोस्ट प्रोडक्टिव ओवर्स विधि ने इसकी जगह ली। इसकी कमज़ोरी ठीक वही है जो CRR की है: यह विकेटों को नहीं गिनती। यही कारण है कि बाद में Duckworth/Lewis की व्याख्या (ESPNcricinfo) में संसाधन-आधारित तरीका आया। NRR की तालिकाएँ और उनका असर हम [Internal Link: IPL अंक तालिका और प्लेऑफ़ समीकरण] में विस्तार से समझाते हैं।

two cricket captains shaking hands at the toss under floodlights with a rain-covered pitch in the background

तालिका के समीकरणों को भावनाओं से नहीं, गणित से पढ़ने का अभ्यास आगे बढ़ाने के लिए इसे आज़माइए।

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चरण 5: सत्यापन — अपनी गणना सही है, यह कैसे जाँचें?

सत्यापन के लिए उल्टी गणना कीजिए: रन रेट × ओवर (दशमलव) से रन वापस मिलने चाहिए। 8.04 × 17.667 ≈ 142 आना चाहिए। फिर गेंदों के रास्ते से दोबारा गणना कीजिए, और दोनों उत्तर दो दशमलव स्थानों तक एक जैसे होने चाहिए।

जिस प्रकार लेखा-परीक्षक हर प्रविष्टि का मिलान दूसरे स्रोत से करता है, उसी प्रकार आपको अपने रन रेट का मिलान दो स्वतंत्र विधियों से करना चाहिए। पहली विधि है गेंदों पर आधारित गणना: कुल रन ÷ कुल गेंद × 6। दूसरी है दशमलव ओवर पर आधारित गणना, जो चरण 1 में बताई गई है। 142 रन और 106 गेंदों के उदाहरण में 142 ÷ 106 = 1.3396, और 1.3396 × 6 = 8.04, जो दशमलव ओवर वाली गणना से मेल खाता है। तीसरी जाँच तुलना की है: आपका उत्तर ESPNcricinfo या आधिकारिक स्कोरकार्ड के प्रकाशित रन रेट से ±0.01 के भीतर होना चाहिए। अगर यह सीमा पार हो, तो लगभग निश्चित रूप से कारण अधूरे ओवर में छिपा है। मैंने इस मिलान को अपनी आदत बना लिया है, क्योंकि जो अंक दो रास्तों से एक ही जगह नहीं पहुँचता, उसे मैं अपने विश्लेषण में दर्ज नहीं करता। IPL समाचार पर प्रकाशित हर आँकड़े पर हम यही दोहरी जाँच लागू करते हैं। सत्यापन की इस आदत को पक्का करने के लिए [Internal Link: क्रिकेट आँकड़ों की जाँच-सूची] भी देखिए।

आम गड़बड़ियाँ: गणना क्यों बिगड़ती है और उन्हें कैसे सुधारें?

चार गड़बड़ियाँ सबसे आम हैं: अधूरे ओवर को दशमलव मान लेना, ऑलआउट पारी में असल ओवर गिनना, ओवर और गेंद की गिनती में वाइड और नो-बॉल को उलझाना, और बारिश-कटे मैच में मूल लक्ष्य से तुलना करना। हर एक का समाधान नीचे दिया है।

इन चारों गड़बड़ियों के पीछे एक साझा कारण है: हम स्कोरबोर्ड के प्रारूप को गणित का प्रारूप समझ लेते हैं। पहली गलती का इलाज चरण 1 की तालिका है। दूसरी का इलाज यह नियम है कि NRR में ऑलआउट पर 20 या 50 ओवर का पूरा कोटा लगता है। तीसरी में याद रखिए कि वाइड और नो-बॉल के रन कुल स्कोर में जुड़ते हैं, पर वैध गेंद की गिनती नहीं बढ़ती। चौथी में संशोधित लक्ष्य और संशोधित ओवर, दोनों साथ लेकर चलिए, और मूल आँकड़ों से तुलना कभी मत कीजिए। एक पाँचवीं गलती मैं अलग से रेखांकित करना चाहूँगा, क्योंकि प्रतिस्पर्धी लेखों में यह लगभग कभी नहीं मिलती: अलग-अलग मैचों के रन रेट का औसत लेना। टूर्नामेंट का NRR मैचों के रन रेट का औसत नहीं है; उसमें सभी रन जोड़े जाते हैं और सभी ओवर जोड़े जाते हैं, तब भाग दिया जाता है। 8.00 और 10.00 के दो रन रेट का "औसत" 9.00 लगता है, पर अगर एक पारी 5 ओवर की और दूसरी 20 ओवर की थी, तो भारित उत्तर 9.60 निकलता है। यह अंतर तालिका की स्थिति पलट सकता है।

इन्हें स्प्रेडशीट में लागू करने के लिए संक्षेप में:

  1. हर पारी के लिए दो कॉलम रखिए: कुल रन और कुल गेंदें।
  2. ऑलआउट पारी में गेंदों की जगह पूरे कोटे की गेंदें (T20 में 120, एकदिवसीय में 300) भरिए।
  3. रन रेट की गणना केवल कुल योग पर कीजिए।
  4. अंतिम उत्तर को आधिकारिक तालिका से मिलाइए।

निष्कर्ष

रन रेट कोई जटिल गणित नहीं, परंतु यह ऐसा गणित है जहाँ पाँच-छह छोटी चूकें मिलकर बड़ा अंतर पैदा कर देती हैं। यदि आप इस लेख से केवल एक चीज़ ले जाएँ, तो यह रखिए: पहले गेंदें गिनिए, फिर ओवर बनाइए, और अंत में उत्तर को दूसरे रास्ते से सत्यापित कीजिए। इन 20 ओवरों के उदाहरणों ने मुझे यही सिखाया कि "सरल" सूत्र पर सबसे ज़्यादा अनुशासन चाहिए। IPL समाचार पर आपके लिए मैच समीक्षा, खिलाड़ी आँकड़े और बल्लेबाज़ी-गेंदबाज़ी रणनीति का दैनिक कवरेज इसी कसौटी पर तैयार किया जाता है। आपका समय बहुमूल्य है, और आपको सटीक सामग्री मिलनी चाहिए, इसलिए अगले मैच में अपना हिसाब स्वयं लगाकर देखिए और फिर आँकड़ों का मिलान कीजिए।

अपना अगला विश्लेषण पूरे भरोसे के साथ शुरू करने के लिए अब यहाँ से आगे बढ़िए।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q: क्रिकेट में रन रेट क्या होता है?

A: रन रेट वह औसत है जो बताता है कि टीम प्रति ओवर कितने रन बना रही है। इसका सूत्र कुल रन ÷ कुल ओवर है, जहाँ अधूरे ओवर को गेंदों के अनुपात में बदला जाता है। T20 में 8 रन प्रति ओवर का मतलब 20 ओवर में 160 रन की गति है।

Q: रन रेट कैसे निकालते हैं, कदम दर कदम?

A: सबसे पहले ओवर को गेंदों में बदलिए, फिर कुल रन को कुल गेंदों से भाग देकर 6 से गुणा कीजिए। उदाहरण के लिए 142 रन और 106 गेंदें हों तो 142 ÷ 106 × 6 = 8.04 रन प्रति ओवर मिलता है। इसी उत्तर को 142 ÷ 17.667 से भी जाँचा जा सकता है।

Q: आवश्यक रन रेट और वर्तमान रन रेट में क्या अंतर है?

A: वर्तमान रन रेट अब तक की गति बताता है, जबकि आवश्यक रन रेट शेष ओवरों में लक्ष्य पाने की ज़रूरी गति बताता है। 384 के लक्ष्य में 20 ओवर बाद 108 रन हों तो CRR 5.4 है और RRR 9.2। इन दोनों का फासला जितना बड़ा, चेज़ उतना कठिन।

Q: ऑलआउट होने पर नेट रन रेट में कितने ओवर गिने जाते हैं?

A: ऑलआउट होने पर टीम के पूरे निर्धारित कोटे के ओवर गिने जाते हैं, असल खेले ओवर नहीं। 20 ओवर के मैच में 18.2 ओवर में ऑलआउट होने पर भी 20 ओवर ही लिए जाएँगे। इस नियम की अनदेखी से NRR कई बार 0.5 तक गलत निकलता है।

Q: मेरा निकाला रन रेट स्कोरकार्ड से क्यों नहीं मिल रहा?

A: सबसे संभावित कारण अधूरे ओवर का गलत रूपांतरण है, यानी 17.4 को 17.4 मान लेना। इसके बाद जाँचिए कि ऑलआउट पारी में पूरा कोटा लिया है या नहीं और वाइड व नो-बॉल की गिनती कहीं उलझी तो नहीं। ठीक करने पर अंतर ±0.01 के भीतर आ जाना चाहिए।

Q: औसत रन रेट (ARR) विधि क्या थी और आज क्यों नहीं चलती?

A: औसत रन रेट विधि बारिश से बाधित सीमित ओवरों के मैच में लक्ष्य तय करने का गणितीय तरीका थी। यह 1950 और 1960 के दशक में एकदिवसीय क्रिकेट की शुरुआत से चली और 1991 में मोस्ट प्रोडक्टिव ओवर्स विधि ने इसकी जगह ली। इसकी मुख्य कमी यह थी कि यह गिरे हुए विकेटों को नहीं गिनती थी।

Q: क्या रन रेट निकालने के लिए किसी विशेष कैलकुलेटर की ज़रूरत है?

A: नहीं, किसी विशेष कैलकुलेटर की आवश्यकता नहीं है; साधारण फ़ोन कैलकुलेटर या स्प्रेडशीट पर्याप्त है। केवल गेंदों में बदलने की आदत डालिए और हर उत्तर को दो तरीकों से जाँचिए। स्प्रेडशीट में कुल रन और कुल गेंदों के दो कॉलम रखने से NRR भी कुछ सेकंड में निकल आता है।

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इस कथा का अन्वेषण करने के लिए धन्यवाद।

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IPL समाचार · The Archive

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